तख़य्युल (कल्पना): शायरी की रूह और सबसे ज़रूरी शर्त
मौलाना अल्ताफ हुसैन हाली के नज़दीक तख़य्युल (Imagination) वह फ़ितरी (प्राकृतिक) और बुनियादी सलाहियत है जो एक शायर को ग़ैर-शायर से अलग करती है और नामुमकिन चीज़ों को मुमकिन बनाकर पेश करने की ताक़त रखती है।