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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

तलातुम पर शेर

मातम न क्यों करूँ दिल-ए-साहिल-नसीब का

इस बहर-ए-ज़िंदगी में तलातुम हयात है

फ़ैज़ झंझानवी

बचा सकेंगे न ये नग़्मा-हा-ए-चंग-ओ-रबाब

सिपर उठा कि तू मैदान-ए-कार-ज़ार में है

फ़ैज़ झंझानवी
बोलिए