किया है आज वा'दा किस ने आने का ख़ुदा जाने
नज़र आता है चश्म-ए-शौक़ दरवाज़ा मिरे घर का
दरवाज़े को बंद न रखना
घर में जाला पड़ जाता है
दस्तक तिरे हाथ की है लेकिन
दरवाज़ा हवा से बज रहा है
हमें ही नहीं दस्तकों का शु'ऊर
वगर्ना वो दरवाज़ा खुलता तो है
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
किया है आज वा'दा किस ने आने का ख़ुदा जाने
नज़र आता है चश्म-ए-शौक़ दरवाज़ा मिरे घर का
दरवाज़े को बंद न रखना
घर में जाला पड़ जाता है
दस्तक तिरे हाथ की है लेकिन
दरवाज़ा हवा से बज रहा है
हमें ही नहीं दस्तकों का शु'ऊर
वगर्ना वो दरवाज़ा खुलता तो है