देखो हमारे दिल में उजाले हैं हर तरफ़
हम इस के बावजूद उजालों से दूर हैं
मुझे तो तेरी बर्बादी भी बर्बादी नहीं लगती
कि मैं ने वो भी देखा है जो है बर्बाद से आगे
तक़दीर मेरी हो गई उस फूल की तरह
मुरझा गया तो फिर कभी फूला फुला नहीं
वो किसी और से मंसूब हुई है ऐसे
जैसे बेवा किसी डोली में बिठा दी गई है