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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

ईमान पर शेर

तू जिस के दम पर भी बोलता है

मिरे ख़ुदा से बड़ा नहीं है

बिलाल अख़्तर

शुक्र शामिल न हो तो हर ने'मत

आदमी को क़लील लगती है

क़ासिम रहमान

ज़िंदगी की मुश्किलें हैं इक तरफ़

इक तरफ़ पैग़ाम-ए-रब ला-तक़्नतू

शमीम अकरम रहमानी

मुझ को जीना वहाँ क़ुबूल नहीं

जिस जगह मिदहत-ए-रसूल नहीं

क़ासिम रहमान

तुम आज तक नहीं समझे तो अब समझ जाओ

ज़मीं की बात नहीं थी ख़ुदा के नाम की थी

अहमद सलमान

ज़र्रा ज़र्रा पुकारता है अहद

जब शहादत बिलाल देता है

क़ासिम रहमान
बोलिए