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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

चित्र शायरी

चित्र शायरी का यह पहला ऐसा ऑनलाइन संकलन है जिसमें हज़ारों ख़ूबसूरत शेरों को उनके अर्थ के अनुकूल चित्रों के साथ पेश किया गया है. यह आकर्षक प्रस्तुति न सिर्फ़ शेर को समझने में सहायक होगी बल्कि इसके द्वारा अर्थ के विभिन्न अभिप्राय तक पहुंचना भी संभव हो सकेगा. इन शेरों को पढ़िए, देखिए, और शेर-प्रेमियों के साथ साझा कीजिए.

कहूँ किस से मैं कि क्या है शब-ए-ग़म बुरी बला है

मुझे क्या बुरा था मरना अगर एक बार होता

Interpretation: Rekhta AI

मिर्ज़ा ग़ालिब के यहाँ “दुख की रात” लंबी और भारी पीड़ा का रूपक है, जिसे कहने-सुनने वाला कोई नहीं मिलता। दूसरी पंक्ति में वे कहते हैं कि मौत तो एक बार का अंत है, वह इतनी बुरी नहीं; असल पीड़ा वह दुख है जो बार-बार लौटता रहता है। भावनात्मक केंद्र थकान, अकेलापन और पीड़ा के खत्म होने की कसक है।

Interpretation: Rekhta AI

मिर्ज़ा ग़ालिब के यहाँ “दुख की रात” लंबी और भारी पीड़ा का रूपक है, जिसे कहने-सुनने वाला कोई नहीं मिलता। दूसरी पंक्ति में वे कहते हैं कि मौत तो एक बार का अंत है, वह इतनी बुरी नहीं; असल पीड़ा वह दुख है जो बार-बार लौटता रहता है। भावनात्मक केंद्र थकान, अकेलापन और पीड़ा के खत्म होने की कसक है।

मिर्ज़ा ग़ालिब
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