जो मंज़िलों के निशानात दे रही हैं तुम्हें
हमारी गूँज भी शामिल है इन सदाओं में
नाम उन के चमकते हैं तारीख़ के सफ़्हों पर
जो लोग ज़माने की तक़दीर बदलते हैं
मिरा शजरा मिरा नाम ओ नसब पूछा था लोगों ने
मैं अपने घर गया टूटी हुई तलवार ले आया
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
जो मंज़िलों के निशानात दे रही हैं तुम्हें
हमारी गूँज भी शामिल है इन सदाओं में
नाम उन के चमकते हैं तारीख़ के सफ़्हों पर
जो लोग ज़माने की तक़दीर बदलते हैं
मिरा शजरा मिरा नाम ओ नसब पूछा था लोगों ने
मैं अपने घर गया टूटी हुई तलवार ले आया