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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

पहचान पर शेर

किस को देखूँ मैं किस से बात करूँ

कितने चेहरे हैं एक चेहरे पे

इरशाद देहलवी

वो क़ाफ़िले में तो क्या था ग़ुबार में भी न था

जो अव्वल आया है पहले हज़ार में भी न था

ओसामा ज़ुरैज़

कहाँ तक ख़ुद को मैं तक़्सीम कर लूँ

कि सारा शहर मुझ में आ बसे है

जव्वाद सरवर सैय्यद

मिरा शजरा मिरा नाम ओ नसब पूछा था लोगों ने

मैं अपने घर गया टूटी हुई तलवार ले आया

सरवर ख़ान सरवर

इक अदना सा शा'इर हूँ मैं लाखों में

अपनी इक पहचान बनाता रहता हूँ

अफ़ज़ल हज़ारवी
बोलिए