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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

चित्र शायरी

चित्र शायरी का यह पहला ऐसा ऑनलाइन संकलन है जिसमें हज़ारों ख़ूबसूरत शेरों को उनके अर्थ के अनुकूल चित्रों के साथ पेश किया गया है. यह आकर्षक प्रस्तुति न सिर्फ़ शेर को समझने में सहायक होगी बल्कि इसके द्वारा अर्थ के विभिन्न अभिप्राय तक पहुंचना भी संभव हो सकेगा. इन शेरों को पढ़िए, देखिए, और शेर-प्रेमियों के साथ साझा कीजिए.

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना

दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना

Interpretation: Rekhta AI

ग़ालिब कहते हैं कि अपने अहंकार को मिटा देने में ही असली आनंद है, जैसे बूंद नदी में मिल जाती है। दूसरी पंक्ति का भाव यह है कि जब दुःख बहुत बढ़ जाता है, तो इंसान को उसका अहसास होना बंद हो जाता है, जिससे दर्द ही सुकून बन जाता है।

Interpretation: Rekhta AI

ग़ालिब कहते हैं कि अपने अहंकार को मिटा देने में ही असली आनंद है, जैसे बूंद नदी में मिल जाती है। दूसरी पंक्ति का भाव यह है कि जब दुःख बहुत बढ़ जाता है, तो इंसान को उसका अहसास होना बंद हो जाता है, जिससे दर्द ही सुकून बन जाता है।

मिर्ज़ा ग़ालिब
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