दम-ब-दम गर्दिश-ए-हालात का मतलब क्या है
दम-ब-दम गर्दिश-ए-हालात का मतलब क्या है
बज़्म-ए-हस्ती में सवालात का मतलब क्या है
हिज्र कहते हैं किसे वस्ल का मतलब क्या है
दर्द क्या शय है 'इनायात का मतलब क्या है
थम गए आँख की दहलीज़ पे आ कर आँसू
याद है उन को रिवायात का मतलब क्या है
पा-ब-ज़ंजीर सही रक़्स करेंगे हम लोग
'इश्क़ में क़ैद-ओ-हवालात का मतलब क्या है
चाक-दामाँ ही सही ख़ाक-बदामाँ ही सही
जानते हैं कि ख़राबात का मतलब क्या है
अब न साक़ी है न साग़र है न मय-ख़ाना है
लोग क्या जानें 'इबादात का मतलब क्या है
सज्दा-ए-शौक़ तो मदहोश ही कर सकता है
ख़ुश्क-माथों पे निशानात का मतलब क्या है
हम फ़क़ीरान-ए-मुहब्बत हैं बता सकते हैं
मंज़िल-ए-शौक़-ओ-मक़ामात का मतलब क्या है
कितने नमरूद हैं दुनिया में निशान-ए-‘इबरत
कौन समझाए मुकाफ़ात का मतलब क्या है
एक ही 'अह्द-ए-तमद्दुन है कि जिस में 'अकरम'
चर्ख़ ने देखा मुवाख़ात का मतलब क्या है
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