इक़बाल की शायरी का सौतियाती (ध्वन्यात्मक) तिलिस्म: सफ़ीरी और मुसलसल आवाज़ों का कमाल
यह लेख अल्लामा इक़बाल की शायरी में ध्वन्यात्मक लय, ख़ास तौर पर सफ़ीरी (Sibilants) और मुसलसल (Continuants) आवाज़ों के बहुत ज़्यादा इस्तेमाल और उनसे पैदा होने वाले माहौल का विश्लेषण करता है।