साहित्य और इतिहास का रिश्ता: रूपवाद और मार्क्सवाद की कश्मकश
यह लेख साहित्य और इतिहास के बीच सदियों पुरानी बहस का जायज़ा लेता है, जिसमें प्लेटो के नज़रिया-ए-नक़्ल (अनुकरण सिद्धांत) और अरस्तू की हैयत-पसंदी (रूपवाद) के बीच कश्मकश और उर्दू साहित्य पर उसके प्रभावों को बयान किया गया है।