उर्दू लिपि का बदलाव: एक तहज़ीबी ख़ुदकुशी
यह मज़मून इस बात पर रोशनी डालता है कि उर्दू की लिपि बदलकर उसे रोमन या देवनागरी में करने की तजवीज़ (प्रस्ताव) दरअस्ल उर्दू ज़बान और इसके सदियों पुराने अदबी सरमाये (साहित्यिक खज़ाने) को मौत के घाट उतारने के बराबर है।