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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

आसरा पर शेर

दीवार-ए-ख़स्तगी हूँ मुझे हाथ मत लगा

मैं गिर पड़ूँगा देख मुझे आसरा न दे

असलम अंसारी

आसरा दे के मेरे अश्क न छीन

यही ले दे के बचा है मुझ में

अज्ञात

कुछ कह दो झूट ही कि तवक़्क़ो बंधी रहे

तोड़ो न आसरा दिल-ए-उम्मीद-वार का

अज्ञात

भले ही छाँव न दे आसरा तो देता है

ये आरज़ू का शजर है ख़िज़ाँ-रसीदा सही

ग़ालिब अयाज़

इक तेरा आसरा है फ़क़त ऐ ख़याल-ए-दोस्त

सब बुझ गए चराग़ शब-ए-इंतिज़ार में

फ़िगार उन्नावी

ख़ुश-गुमाँ हर आसरा बे-आसरा साबित हुआ

ज़िंदगी तुझ से तअल्लुक़ खोखला साबित हुआ

ज़फ़र मुरादाबादी
बोलिए