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रद करें डाउनलोड शेर

चित्र शायरी

चित्र शायरी का यह पहला ऐसा ऑनलाइन संकलन है जिसमें हज़ारों ख़ूबसूरत शेरों को उनके अर्थ के अनुकूल चित्रों के साथ पेश किया गया है. यह आकर्षक प्रस्तुति न सिर्फ़ शेर को समझने में सहायक होगी बल्कि इसके द्वारा अर्थ के विभिन्न अभिप्राय तक पहुंचना भी संभव हो सकेगा. इन शेरों को पढ़िए, देखिए, और शेर-प्रेमियों के साथ साझा कीजिए.

क्या पूछता है हम से तू शोख़ सितमगर

जो तू ने किए हम पे सितम कह नहीं सकते

Interpretation: Rekhta AI

बहादुर शाह ज़फ़र के इस शेर में प्रिय को ‘चंचल’ और ‘अत्याचारी’ कहकर उसकी पूछताछ पर तंज है। दुख इतना गहरा है कि वह शब्दों में ढल नहीं पाता, इसलिए बोलना भी असंभव हो जाता है। भाव-केन्द्र में शिकवा, बेबसी और प्रेम की पीड़ा है।

Interpretation: Rekhta AI

बहादुर शाह ज़फ़र के इस शेर में प्रिय को ‘चंचल’ और ‘अत्याचारी’ कहकर उसकी पूछताछ पर तंज है। दुख इतना गहरा है कि वह शब्दों में ढल नहीं पाता, इसलिए बोलना भी असंभव हो जाता है। भाव-केन्द्र में शिकवा, बेबसी और प्रेम की पीड़ा है।

बहादुर शाह ज़फ़र
बोलिए