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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

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रद करें डाउनलोड शेर

चित्र शायरी

चित्र शायरी का यह पहला ऐसा ऑनलाइन संकलन है जिसमें हज़ारों ख़ूबसूरत शेरों को उनके अर्थ के अनुकूल चित्रों के साथ पेश किया गया है. यह आकर्षक प्रस्तुति न सिर्फ़ शेर को समझने में सहायक होगी बल्कि इसके द्वारा अर्थ के विभिन्न अभिप्राय तक पहुंचना भी संभव हो सकेगा. इन शेरों को पढ़िए, देखिए, और शेर-प्रेमियों के साथ साझा कीजिए.

बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो थी

जैसी अब है तिरी महफ़िल कभी ऐसी तो थी

Interpretation: Rekhta AI

कवि कहता है कि पहले बोलना सहज था, पर अब तुम्हारी मौजूदगी में अजीब-सी झिझक और दूरी महसूस होती है। “महफ़िल” यहाँ केवल सभा नहीं, बल्कि रिश्ते का माहौल है जो बदल गया है। दर्द इस बात का है कि जो अपनापन था, वही अब अनजान-सा लगने लगा है।

Interpretation: Rekhta AI

कवि कहता है कि पहले बोलना सहज था, पर अब तुम्हारी मौजूदगी में अजीब-सी झिझक और दूरी महसूस होती है। “महफ़िल” यहाँ केवल सभा नहीं, बल्कि रिश्ते का माहौल है जो बदल गया है। दर्द इस बात का है कि जो अपनापन था, वही अब अनजान-सा लगने लगा है।

बहादुर शाह ज़फ़र
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