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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

गरेबान पर शेर

तालिब-ए-दस्त-ए-हवस और कई दामन थे

हम से मिलता जो यूसुफ़ के गरेबाँ से मिला

मुस्तफ़ा ज़ैदी

दस्त-ए-जुनूँ भी तंग हुआ दश्त-ए-इश्क़ में

अब चाक क्या करूँ कि गरेबान ही नहीं

फ़रहत एहसास

सर-ब-कफ़ घर से निकलना तो है शर्त-ए-अव्वल

इतना आसान नहीं चाक-गरेबाँ होना

राही मासूम रज़ा
बोलिए