अकबर इलाहाबादी: सिर्फ़ एक हास्य-व्यंग्यकार या उपनिवेशवाद के महान आलोचक?
शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी की नज़र में अकबर इलाहाबादी सिर्फ़ एक दक़ियानूसी हास्य कवि नहीं थे, बल्कि वह उपमहाद्वीप में औपनिवेशिक व्यवस्था और साम्राज्यवादी हथकंडों को समझने वाले शुरुआती और सबसे महान विचारकों में से एक थे।