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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

चित्र शायरी

चित्र शायरी का यह पहला ऐसा ऑनलाइन संकलन है जिसमें हज़ारों ख़ूबसूरत शेरों को उनके अर्थ के अनुकूल चित्रों के साथ पेश किया गया है. यह आकर्षक प्रस्तुति न सिर्फ़ शेर को समझने में सहायक होगी बल्कि इसके द्वारा अर्थ के विभिन्न अभिप्राय तक पहुंचना भी संभव हो सकेगा. इन शेरों को पढ़िए, देखिए, और शेर-प्रेमियों के साथ साझा कीजिए.

बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हम को

देर से इंतिज़ार है अपना

Interpretation: Rekhta AI

इस शे’र में ‘बेख़ुदी’ ऐसी हालत है जो इंसान को उसके ही केंद्र से दूर ले जाती है। कहने वाला इतना खो गया है कि उसका ‘अपना’ यानी उसका असली रूप उससे अलग होकर प्रतीक्षा कर रहा है। भाव भीतर की खालीपन, भटकाव और देर से होश में आने का है। दर्द यह है कि आदमी खुद से ही बिछड़ जाता है।

Interpretation: Rekhta AI

इस शे’र में ‘बेख़ुदी’ ऐसी हालत है जो इंसान को उसके ही केंद्र से दूर ले जाती है। कहने वाला इतना खो गया है कि उसका ‘अपना’ यानी उसका असली रूप उससे अलग होकर प्रतीक्षा कर रहा है। भाव भीतर की खालीपन, भटकाव और देर से होश में आने का है। दर्द यह है कि आदमी खुद से ही बिछड़ जाता है।

मीर तक़ी मीर
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