- पुस्तक सूची 180767
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ90
बाल-साहित्य1990
नाटक / ड्रामा923 एजुकेशन / शिक्षण347 लेख एवं परिचय1375 कि़स्सा / दास्तान1656 स्वास्थ्य108 इतिहास3352हास्य-व्यंग603 पत्रकारिता202 भाषा एवं साहित्य1142
पत्र725 जीवन शैली30 औषधि978 आंदोलन268 नॉवेल / उपन्यास4284 राजनीतिक349 धर्म-शास्त्र4784 शोध एवं समीक्षा6711अफ़साना2672 स्केच / ख़ाका237 सामाजिक मुद्दे111 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2017पाठ्य पुस्तक441 अनुवाद4197-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर70
- दीवान1254
- दोहा50
- महा-काव्य99
- व्याख्या186
- गीत63
- ग़ज़ल1269
- हाइकु11
- हम्द61
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1583
- कह-मुकरनी6
- कुल्लियात572
- माहिया20
- काव्य संग्रह4886
- मर्सिया387
- मसनवी737
- मुसद्दस44
- नात592
- नज़्म1214
- अन्य84
- पहेली14
- क़सीदा179
- क़व्वाली16
- क़ित'अ68
- रुबाई264
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं16
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई26
- अनुवाद75
- वासोख़्त24
संपूर्ण
परिचय
ई-पुस्तक159
कहानी233
लेख40
उद्धरण107
लघु कथा29
तंज़-ओ-मज़ाह1
रेखाचित्र24
ड्रामा59
अनुवाद2
वीडियो79
गेलरी 4
ब्लॉग5
अनुवाद28
उपन्यासिका1
पत्र10
अन्य
सआदत हसन मंटो
कहानी 233
लेख 40
उद्धरण 107
आप शहर में ख़ूबसूरत और नफ़ीस गाड़ियाँ देखते हैं... ये ख़ूबसूरत और नफ़ीस गाड़ियाँ कूड़ा करकट उठाने के काम नहीं आ सकतीं। गंदगी और ग़लाज़त उठा कर बाहर फेंकने के लिए और गाड़ियाँ मौजूद हैं जिन्हें आप कम देखते हैं और अगर देखते हैं तो फ़ौरन अपनी नाक पर रूमाल रख लेते हैं... इन गाड़ियों का वुजूद ज़रूरी है और उन औरतों का वुजूद भी ज़रूरी है जो आपकी ग़लाज़त उठाती हैं। अगर ये औरतें ना होतीं तो हमारे सब गली कूचे मर्दों की ग़लीज़ हरकात से भरे होते।
ज़माने के जिस दौर से हम इस वक़्त गुज़र रहे हैं अगर आप इससे नावाक़िफ़ हैं तो मेरे अफ़साने पढ़िये। अगर आप इन अफ़्सानों को बर्दाश्त नहीं कर सकते तो इस का मतलब है कि ये ज़माना नाक़ाबिल-ए-बर्दाश्त है... मुझ में जो बुराईयाँ हैं, वो इस अह्द की बुराईयां हैं... मेरी तहरीर में कोई नक़्स नहीं। जिस नक़्स को मेरे नाम से मंसूब किया जाता है, दर असल मौजूदा निज़ाम का नक़्स है।
लघु कथा 29
तंज़-ओ-मज़ाह 1
रेखाचित्र 24
ड्रामा 59
पुस्तकें 159
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ90
बाल-साहित्य1990
-
