इंतज़ार हुसैन: मिथक, देवमाला, जातक कथाएँ और इंसानी अस्तित्व का सवाल
अपने आख़िरी दौर में इंतज़ार हुसैन ने बौद्ध जातकों, हिंदू देवमाला और सामी (सेमिटिक) रिवायतों (परंपराओं) को मिलाकर इंसानी बक़ा (अस्तित्व) और कायनाती (ब्रह्मांडीय) सच्चाइयों को एक नई आफ़ाक़ी (सार्वभौमिक) दिशा दी।