उर्दू शायरी की रिवायत की संरचना और फ़ैज़ की अर्थगत त्रयी
इस लेख में संरचनावादी आलोचना के हवाले से उर्दू शायरी की तीन अर्थगत सतहों (आशिक़ाना, सूफ़ियाना और सियासी) का जायज़ा लिया गया है और बताया गया है कि फ़ैज़ ने किस तरह रिवायती प्रतीकों (अलामतों) को इंक़िलाबी मानी दिए।