रेख़्ता स्कॉलर

रेख़्ता स्कॉलर उर्दू भाषा और साहित्य के ज़रूरी विचारों और काव्य-साहित्य की परंपराओं को आसान और छोटे लेखों के ज़रिए समझने का प्रयास है। यहाँ प्रसिद्ध साहित्यिक आलोचकों की तहरीरों के हिस्सों पर आधारित छोटे और सरल लेखों को पढ़ सकते हैं।

ग़ज़ल में इंशाइया और ख़बरिया अंदाज़-ए-बयान की अहमियत

क्लासिकी ग़ज़ल में इंशाइया (सवालिया) अंदाज़ को ख़बरिया अंदाज़ पर ज़्यादा अहमियत हासिल है क्योंकि यह शेर में मानी (अर्थ) की अनगिनत संभावनाएँ पैदा करता है।

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