Added to your favorites
उर्दू और हिंदी ज़बानों की शुरुआत, इंडिक भाषा से लेकर अपभ्रंशों और ग़ज़नवी दौर में 'हिंदवी' के उभरने तक का ऐतिहासिक और भाषाई सफ़र।
उर्दू और हिंदी के साझे मुहावरों, कहावतों और मिले-जुले शब्दों का जायज़ा, जो दोनों ज़बानों की गहरी तहज़ीबी नज़दीकी को ज़ाहिर करता है।
उर्दू और हिंदी के बीच पाई जाने वाली हैरत-अंगेज़ ध्वनि, वाक्य-रचना और शब्द-रचना की समानताओं का एक भाषाई विश्लेषण।
नई जानकारियाँ प्राप्त करने के लिए रेख़्ता न्यूज़ लेटर सब्स्क्राइब कीजिए