रेख़्ता स्कॉलर

रेख़्ता स्कॉलर उर्दू भाषा और साहित्य के ज़रूरी विचारों और काव्य-साहित्य की परंपराओं को आसान और छोटे लेखों के ज़रिए समझने का प्रयास है। यहाँ प्रसिद्ध साहित्यिक आलोचकों की तहरीरों के हिस्सों पर आधारित छोटे और सरल लेखों को पढ़ सकते हैं।

फोर्ट विलियम कॉलेज और मीर अम्मन: उर्दू नस्र (गद्य) में गंगा-जमुनी संतुलन

यह लेख फोर्ट विलियम कॉलेज के योगदान और ख़ास तौर पर मीर अम्मन की 'बाग़-ओ-बहार' के उस भाषाई संतुलन पर चर्चा करता है जिसने उर्दू नस्र (गद्य) को सादगी और रवानी दी।

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