फ़ज़्ल अहमद करीम फ़ज़ली
ग़ज़ल 8
अशआर 7
है सख़्त मुश्किल में जान साक़ी पिलाए आख़िर किधर से पहले
सभी की आँखें ये कह रही हैं इधर से पहले इधर से पहले
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
अहल-ए-हुनर के दिल में धड़कते हैं सब के दिल
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
ग़म-ए-दौराँ में कहाँ बात ग़म-ए-जानाँ की
नज़्म है अपनी जगह ख़ूब मगर हाए ग़ज़ल
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
हमारे उन के तअल्लुक़ का अब ये आलम है
कि दोस्ती का है क्या ज़िक्र दुश्मनी भी नहीं
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
आँखों का तो काम ही है रोना
ये गिर्या-ए-बे-सबब है प्यारे
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
पुस्तकें 6
वीडियो 3
This video is playing from YouTube
