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Ameeta Parsuram Meeta's Photo'

अमीता परसुराम मीता

1955 | दिल्ली, भारत

प्रसिद्ध शाइर और मनोविज्ञान की प्रोफ़ेसर (रिटायर्ड), जिनका कलाम कई प्रतिष्ठित गायकों ने गाया है

प्रसिद्ध शाइर और मनोविज्ञान की प्रोफ़ेसर (रिटायर्ड), जिनका कलाम कई प्रतिष्ठित गायकों ने गाया है

अमीता परसुराम मीता

ग़ज़ल 46

नज़्म 1

 

अशआर 58

कुछ तो एहसास-ए-मोहब्बत से हुईं नम आँखें

कुछ तिरी याद के बादल भी भिगो जाते हैं

वक़्त से लम्हा लम्हा खेली है

ज़िंदगी इक अजब पहेली है

ज़िंदगी अपना सफ़र तय तो करेगी लेकिन

हम-सफ़र आप जो होते तो मज़ा और ही था

अब ज़माना है बेवफ़ाई का

सीख लें हम भी ये हुनर शायद

क़ाएम है अब भी मेरी वफ़ाओं का सिलसिला

इक सिलसिला है उन की जफ़ाओं का सिलसिला

पुस्तकें 1

 

वीडियो 12

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ऑडियो 3

खींच लाया तुझे एहसास-ए-तहफ़्फ़ुज़ मुझ तक

खींच लाया तुझे एहसास-ए-तहफ़्फ़ुज़ मुझ तक

सुब्ह-ए-रौशन को अंधेरों से भरी शाम न दे

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