हरी ओ पिया हरी ओ पिया
रोचक तथ्य
(وادی سندھ کا گیت)
हरी ओ पिया हरी ओ पिया
तेरे रंग हज़ार
तेरी सम्त गए रस्तों पर चिड़ियों की चहकार
तेरी सत-रंगी माटी में फूलों की महकार
तेरे सुर की झील में उगते सुंदर रूप कँवल
तेरी कन्याओं की आँखों में सुर्मा और काजल
रोम रोम में बसे हैं तेरे
खरज रखब गंधार
हरी ओ पिया हरी ओ पिया
तेरे रंग हज़ार
तेरे रूप नगर में दोशीज़ाएँ रक़्स-कुनाँ
हाथी दाँत के बाले पहने कड़ियल शेर जवाँ
तेरे शहर के दरवाज़ों पर फिरते हैं रथ-बान
गंदुम की ख़ुशबू से महके सब खलियान
तहज़ीबों को दिया है तू ने
'इल्म हुनर तेहवार
हरी ओ पिया हरी ओ पिया
तेरे रंग हज़ार
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