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उड़ रही है गर्द सू-ए-आसमाँ

अहसन अहमद अश्क

उड़ रही है गर्द सू-ए-आसमाँ

अहसन अहमद अश्क

MORE BYअहसन अहमद अश्क

    सैकड़ों सदियों की ठंडी आग की चिंगारियाँ

    जलते बुझते नाचते 'इफ़रीत की परछाइयाँ

    मौत का ख़ामोश लश्कर वक़्त का सैल-ए-रवाँ

    गर्द-ए-क़हर-ए-आसमाँ ग़ारत-गर-ए-अम्न-ओ-अमाँ

    रेंगते कीड़ों भरी तारीक गेती से जनम लेने के बा'द

    गर्द जब फैली तो दश्त-ए-बे-सदा महशर-ब-दोश

    और जब सिमटी तो अलवंद-ओ-हिमाला बर्फ़-पोश

    गर्द वक़्त और मौत तीनों हम-सफ़र

    वक़्त कुछ कहता नहीं

    मौत कुछ सुनती नहीं

    गर्द ग़र्क़-ए-लज़्ज़त-ए-काम-ओ-दहन

    संग-ओ-आहन के जिगर पर उस के चंगुल के निशाँ

    पेड़ पौदे अध-खिली कलियाँ शगुफ़्ता फूल सूखी पत्तियाँ

    गर्द में डूबी हुई कुल काइनात-ए-गुलसिताँ

    गर्द वीरानों का राज

    गर्द दरियाओं का ताज

    गर्द ज़र्रीं धूप के सैलाब में बिखरी हुई

    गर्द सीमीं चाँदनी के ख़्वाब में निखरी हुई

    सहन आँगन ओलती दीवार पुश्ते सीढ़ियाँ

    बाम-ओ-दर मेहराब रौज़न झिलमिली

    ताक़ अलमारी किताबें मेज़ सोफ़े कुर्सियाँ

    तौलिया कपड़े की खूँटी आइना चेहरे का 'अक्स

    रेफ़्रीजरेटर रेडियो गुलदान तस्वीरें घड़ी पर्दे कैलेंडर सब पे गर्द

    ख़ान-क़ाहें मदरसे दानिश-कदे

    रहनुमा रह-गीर रहज़न रास्ते

    गर्द की चादर में सब लिपटे हुए

    गर्द में तार-ए-नफ़स तार-ए-नज़र उलझे हुए

    गर्द जल्लादों का ख़ंजर गर्द मक़्तूलों का ख़ून

    गर्द में नमरूद गुम हज्जाज गुम हल्लाज गुम

    नैनवा यूनान बाबुल सोमनात

    हर बड़े फ़ातेह के पीछे गर्द का इक कारवाँ

    गर्द क़ौम-ए-'आद कोह-ए-दादी-ओ-रीहुलअक़ीम

    गर्द 'इल्म-ए-ख़िज़्र-ओ-दीवार-ए-यतीम

    गर्द शहर-ए-लूत ब्लसन हीरोशीमा आसविच

    फिर भी बढ़ती गूँजती आबादियाँ

    शम्स-पारो अंजुम-ओ-सीमाब-पैकर दायरो

    ये ज़मीं ये मुर्दा सय्यारा ये तीरा-ख़ाक-दाँ

    इस की पेशानी पे लिख कर ख़ाक-ओ-ख़ूँ की दास्ताँ

    उड़ रही है गर्द सू-ए-आसमाँ

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