उस के गुन गाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
उस के गुन गाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
ख़ुद पे इतराने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
कोई रूठे भी तो परवाह नहीं थी मुझ को
उस को मनवाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
'इश्क़ होते हुए महसूस नहीं होता है
'इश्क़ हो जाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
वो नज़र आया तो फिर नज़रें चुरा कर उस को
देखते जाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
उस ने जो बात कही बात वो तन्हाई में
ख़ुद से दुहराने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
चोट जब उस को लगी ख़ुद को अज़िय्यत दे कर
चोट पहुँचाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
तय-शुदा एक मुलाक़ात के टल जाने से
ख़ूब पछताने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
उस के जाते ही मिरे गुलशन-ए-दिल के 'गौहर'
फूल मुरझाने पे एहसास हुआ 'इश्क़ हुआ
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