- पुस्तक सूची 180433
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ89
बाल-साहित्य1979
नाटक / ड्रामा917 एजुकेशन / शिक्षण341 लेख एवं परिचय1363 कि़स्सा / दास्तान1570 स्वास्थ्य104 इतिहास3265हास्य-व्यंग593 पत्रकारिता200 भाषा एवं साहित्य1625 पत्र727
जीवन शैली30 औषधि969 आंदोलन268 नॉवेल / उपन्यास4269 राजनीतिक350 धर्म-शास्त्र4763 शोध एवं समीक्षा6518अफ़साना2665 स्केच / ख़ाका232 सामाजिक मुद्दे109 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2007पाठ्य पुस्तक424 अनुवाद4194महिलाओं की रचनाएँ5755-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर68
- दीवान1249
- दोहा49
- महा-काव्य100
- व्याख्या181
- गीत63
- ग़ज़ल1259
- हाइकु11
- हम्द57
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1580
- कह-मुकरनी6
- कुल्लियात571
- माहिया20
- काव्य संग्रह4866
- मर्सिया387
- मसनवी737
- मुसद्दस44
- नात588
- नज़्म1201
- अन्य84
- पहेली14
- क़सीदा177
- क़व्वाली16
- क़ित'अ67
- रुबाई263
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं16
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई25
- अनुवाद74
- वासोख़्त24
नियाज़ फ़तेहपुरी की कहानियाँ
दर्स-ए-मोहब्बत
यह यूनान की अपने ज़माने में सबसे ख़ूबसूरत लड़की की कहानी है, जो ज़ोहरा देवी के मंदिर में रहती है। उसके हुस्न के चर्चे हर तरफ़ हैं। यहाँ तक कि उस मुल्क का शहज़ादा भी उसका दीवाना है। एक रात वह उससे एक नदी के किनारे मिलता है और वहाँ वह शहज़ादे को मोहब्बत का ऐसा दर्स देती है कि जिसमें वह फे़ल हो जाता है और वह हसीन लड़की एक किसान के बेटे के साथ शादी कर लेती है।
दो घंटे जहन्नम में
यह दर्द से तड़पते एक ऐसे शख़्स की कहानी है, जिसके बारे में डॉक्टर का कहना है कि यह केवल दो घंटे और ज़िंदा रहेगा। डॉक्टर के यह कहने के कुछ देर बाद ही वह शख़्स बेहोश हो जाता है और उसे महसूस होता है कि फ़रिश्ते उसे आसमान पर ले जा रहे हैं। वहाँ वह जहन्नुम के अलग-अलग हिस्से को देखता है और दो घंटे के बाद जब उसे होश आता है तो वह अपनी बीवी को चारपाई के पास बैठे रोते हुए पाता है।
दुनिया का अव्वलीन बुतसाज़
यह कहानी औरत और मर्द के पेचीदा रिश्तों के बारे में बात करती है। दुनिया का सबसे पहले बुत-साज़ अनजाने में एक बुत बना देता है। जब वह उस बुत को ग़ौर से देखता है तो वह एक औरत का बुत होता है। उस औरत में जान ड़ालने के लिए वह रात, दिन, चाँद-सूरज, सितारे हर किसी से मिन्नत करता है। आख़िरकार वह औरत जीती-जागती इंसान बन जाती है। इसके साथ ही उसमें बुत-साज़ की सारी दिलचस्पी ख़त्म हो जाती है।
मोहब्बत की देवी
यह एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो अपने हुस्न और पाक-दामनी की वजह से पूरे इलाक़े में मशहूर है। वह जब मंदिर में पूजा करने आती है, उसकी एक झलक पाने के लिए वहाँ सैंकड़ों लड़कों की क़तार लगी रहती है। मगर न चाहते हुए भी जिसकी मोहब्बत में तड़पते हुए वह अपनी जान दे देती है, वह कोई और नहीं, मोहम्मद क़ासिम होता है।
दो ख़त
दो दोस्तों की कहानी, जो कॉलेज से निकलने के एक अर्सा बाद एक-दूसरे को ख़त लिखते हैं। इस दरमियान उन दोनों की शादी हो चुकी होती है। मगर उन्हें जिस तरह के जीवन-साथी मिले हैं उनसे वह इतने तंग आ चुके हैं कि उनके पास एक-दूसरे के हालात पर हंसने के अलावा और कोई चारा नहीं होता है।
शहीद-ए-आज़ादी
दौलत और शोहरत को परिवार और रिश्तों से ज़्यादा अहमियत देने वाली एक ऐसी औरत की कहानी, जिसकी शादी एक बिजनेसमैन से हो जाती है। लेकिन शादी के बाद भी वह अपनी ज़िंदगी में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करती। उसका शौहर बिजनेस के सिलसिले में विदेश चला जाता है, तभी उसकी ज़िंदगी में एक बिगड़ा हुआ अमीर-ज़ादा आता है, जो उसकी ज़िंदगी को मौत के कगार तक ले जाता है।
ज़ोहरा का एक पुजारी
यह एक ऐसे शख़्स की कहानी है, जो यूनान में प्रेम की देवी ज़ोहरा के मंदिर का पुजारी है। अपने संगीत और दर्द भरे अश्आर से वह पूरे देश में मशहूर हो जाता है। यहाँ तक कि बादशाह की बेटी भी उसकी दीवानी होकर उससे मिलने आती है। मगर वह उसके प्रस्ताव को ठुकरा देता है और ज़्यादा ज़ोर देने पर ख़ुदकुशी कर लेता है।
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ89
बाल-साहित्य1979
-
