- पुस्तक सूची 180494
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ85
बाल-साहित्य1984
नाटक / ड्रामा919 एजुकेशन / शिक्षण343 लेख एवं परिचय1378 कि़स्सा / दास्तान1586 स्वास्थ्य105 इतिहास3275हास्य-व्यंग607 पत्रकारिता201 भाषा एवं साहित्य1703 पत्र738
जीवन शैली30 औषधि980 आंदोलन272 नॉवेल / उपन्यास4295 राजनीतिक354 धर्म-शास्त्र4753 शोध एवं समीक्षा6592अफ़साना2680 स्केच / ख़ाका242 सामाजिक मुद्दे109 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2036पाठ्य पुस्तक449 अनुवाद4246महिलाओं की रचनाएँ5826-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर68
- दीवान1278
- दोहा48
- महा-काव्य101
- व्याख्या181
- गीत63
- ग़ज़ल1259
- हाइकु11
- हम्द53
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1598
- कह-मुकरनी7
- कुल्लियात580
- माहिया20
- काव्य संग्रह4856
- मर्सिया386
- मसनवी746
- मुसद्दस42
- नात582
- नज़्म1193
- अन्य82
- पहेली15
- क़सीदा182
- क़व्वाली17
- क़ित'अ67
- रुबाई272
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं17
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई26
- अनुवाद74
- वासोख़्त25
नियाज़ फ़तेहपुरी की कहानियाँ
दर्स-ए-मोहब्बत
यह यूनान की अपने ज़माने में सबसे ख़ूबसूरत लड़की की कहानी है, जो ज़ोहरा देवी के मंदिर में रहती है। उसके हुस्न के चर्चे हर तरफ़ हैं। यहाँ तक कि उस मुल्क का शहज़ादा भी उसका दीवाना है। एक रात वह उससे एक नदी के किनारे मिलता है और वहाँ वह शहज़ादे को मोहब्बत का ऐसा दर्स देती है कि जिसमें वह फे़ल हो जाता है और वह हसीन लड़की एक किसान के बेटे के साथ शादी कर लेती है।
दो घंटे जहन्नम में
यह दर्द से तड़पते एक ऐसे शख़्स की कहानी है, जिसके बारे में डॉक्टर का कहना है कि यह केवल दो घंटे और ज़िंदा रहेगा। डॉक्टर के यह कहने के कुछ देर बाद ही वह शख़्स बेहोश हो जाता है और उसे महसूस होता है कि फ़रिश्ते उसे आसमान पर ले जा रहे हैं। वहाँ वह जहन्नुम के अलग-अलग हिस्से को देखता है और दो घंटे के बाद जब उसे होश आता है तो वह अपनी बीवी को चारपाई के पास बैठे रोते हुए पाता है।
दुनिया का अव्वलीन बुतसाज़
यह कहानी औरत और मर्द के पेचीदा रिश्तों के बारे में बात करती है। दुनिया का सबसे पहले बुत-साज़ अनजाने में एक बुत बना देता है। जब वह उस बुत को ग़ौर से देखता है तो वह एक औरत का बुत होता है। उस औरत में जान ड़ालने के लिए वह रात, दिन, चाँद-सूरज, सितारे हर किसी से मिन्नत करता है। आख़िरकार वह औरत जीती-जागती इंसान बन जाती है। इसके साथ ही उसमें बुत-साज़ की सारी दिलचस्पी ख़त्म हो जाती है।
मोहब्बत की देवी
यह एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो अपने हुस्न और पाक-दामनी की वजह से पूरे इलाक़े में मशहूर है। वह जब मंदिर में पूजा करने आती है, उसकी एक झलक पाने के लिए वहाँ सैंकड़ों लड़कों की क़तार लगी रहती है। मगर न चाहते हुए भी जिसकी मोहब्बत में तड़पते हुए वह अपनी जान दे देती है, वह कोई और नहीं, मोहम्मद क़ासिम होता है।
दो ख़त
दो दोस्तों की कहानी, जो कॉलेज से निकलने के एक अर्सा बाद एक-दूसरे को ख़त लिखते हैं। इस दरमियान उन दोनों की शादी हो चुकी होती है। मगर उन्हें जिस तरह के जीवन-साथी मिले हैं उनसे वह इतने तंग आ चुके हैं कि उनके पास एक-दूसरे के हालात पर हंसने के अलावा और कोई चारा नहीं होता है।
शहीद-ए-आज़ादी
दौलत और शोहरत को परिवार और रिश्तों से ज़्यादा अहमियत देने वाली एक ऐसी औरत की कहानी, जिसकी शादी एक बिजनेसमैन से हो जाती है। लेकिन शादी के बाद भी वह अपनी ज़िंदगी में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करती। उसका शौहर बिजनेस के सिलसिले में विदेश चला जाता है, तभी उसकी ज़िंदगी में एक बिगड़ा हुआ अमीर-ज़ादा आता है, जो उसकी ज़िंदगी को मौत के कगार तक ले जाता है।
ज़ोहरा का एक पुजारी
यह एक ऐसे शख़्स की कहानी है, जो यूनान में प्रेम की देवी ज़ोहरा के मंदिर का पुजारी है। अपने संगीत और दर्द भरे अश्आर से वह पूरे देश में मशहूर हो जाता है। यहाँ तक कि बादशाह की बेटी भी उसकी दीवानी होकर उससे मिलने आती है। मगर वह उसके प्रस्ताव को ठुकरा देता है और ज़्यादा ज़ोर देने पर ख़ुदकुशी कर लेता है।
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ85
बाल-साहित्य1984
-
