फ़िराक़ की इश्क़िया शायरी: रूमानियत और संस्कृत सौंदर्यशास्त्र का हसीन संगम
इस लेख में फ़िराक़ की शायरी पर अंग्रेज़ी रूमानियत और संस्कृत काव्य के असर और उनके यहाँ हुस्न-ओ-इश्क़ के आफ़ाक़ी (सार्वभौमिक) तसव्वुर का जायज़ा लिया गया है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
इस लेख में फ़िराक़ की शायरी पर अंग्रेज़ी रूमानियत और संस्कृत काव्य के असर और उनके यहाँ हुस्न-ओ-इश्क़ के आफ़ाक़ी (सार्वभौमिक) तसव्वुर का जायज़ा लिया गया है।