उर्दू ग़ज़ल: हिंदुस्तानी तहज़ीब और समाजी शुऊर का आईना
उर्दू ग़ज़ल पर फ़ारसी का गहरा असर होने के बावुजूद, यह हिंदुस्तानी तहज़ीब, मौसमों, रस्म-ओ-रिवाज और समाजी और सियासी करवटों की एक सच्ची और रंगारंग तस्वीर पेश करती है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
उर्दू ग़ज़ल पर फ़ारसी का गहरा असर होने के बावुजूद, यह हिंदुस्तानी तहज़ीब, मौसमों, रस्म-ओ-रिवाज और समाजी और सियासी करवटों की एक सच्ची और रंगारंग तस्वीर पेश करती है।