दिल्ली के शुरुआती शायरों द्वारा वली दकनी की अज़मत (महानता) का हिचकिचाहट भरा एतिराफ़ (स्वीकार)
दिल्ली के शुरुआती शायरों ने वली दकनी के असर को महसूस तो किया, लेकिन इलाक़ाई भेदभाव के कारण उनकी बरतरी (श्रेष्ठता) को खुले दिल से मानने में हिचकिचाहट का शिकार रहे।