इक़बाल की वैचारिक तहरीक (आंदोलन): पश्चिम की अंधी नक़्ल और रूमानियत से बग़ावत
इक़बाल ने उर्दू अदब को रूमानियत के सपनों वाले माहौल और पश्चिम के दबदबे से निकाल कर एक नया, ताक़तवर और फ़िक्री गहराई पर आधारित उसलूब (शैली) दिया जिसने अदब की धारा मोड़ दी।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
इक़बाल ने उर्दू अदब को रूमानियत के सपनों वाले माहौल और पश्चिम के दबदबे से निकाल कर एक नया, ताक़तवर और फ़िक्री गहराई पर आधारित उसलूब (शैली) दिया जिसने अदब की धारा मोड़ दी।