ग़ज़ल की रिवायत, पैरोडी और चिरकीन की फ़नकाराना महारत
चिरकीन एक कामयाब पैरोडी-निगार थे जिन्हें ग़ज़ल के प्रचलित विषयों और बयान के तरीक़े पर पूरी पकड़ हासिल थी, और उन्होंने 'शहर-आशोब' की रिवायत को एक नए और चौंका देने वाले अंदाज़ में बरता।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
चिरकीन एक कामयाब पैरोडी-निगार थे जिन्हें ग़ज़ल के प्रचलित विषयों और बयान के तरीक़े पर पूरी पकड़ हासिल थी, और उन्होंने 'शहर-आशोब' की रिवायत को एक नए और चौंका देने वाले अंदाज़ में बरता।