Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

अंदेशा: एक उनवान 10 नज़्में

इस चयन में विभिन्न कवियों

द्वारा रचित वे कविताएँ शामिल की गई हैं जिनका शीर्षक “अंदेशा” है। इस संकलन को पढ़ने से एक ही विषय पर अलग-अलग कवियों की वैचारिक दुनिया का परिचय मिलता है।

3.5K
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

अंदेशा

बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी

कफ़ील आज़र अमरोहवी

अंदेशा

संदलीं जिस्म की ख़ुशबू से महकती हुई रात

क़तील शिफ़ाई

अंदेशा

मैं यही सोच के

फ़ैसल हाशमी

अंदेशा

बे-कराँ रात का है सन्नाटा

अनवर अफ़ाक़ी

अंदेशा

आर्टिस्ट अपनी ये तस्वीर मुकम्मल कर ले

सलाम मछली शहरी

अंदेशा

ये किस ने आलम-ए-हस्ती किया तह-ओ-बाला

नातिक़ आज़मी

अंदेशा

किस क़दर शादाब था ताज़ा गुलों से ये चमन

सलाहुद्दीन नय्यर

अंदेशा

अभी फ़ज़ाओं में तारी है मुज़्तरिब सा सुकूँ

कैलाश माहिर

अंदेशा

दौर-ए-माज़ी की सुनहरी दुनिया

ज़रीना सानी

अंदेशा

बदलियाँ

इस्लाम प्रेवेज़
बोलिए