संपूर्ण
परिचय
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नज़्म22
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ई-पुस्तक16
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क़ितआ2
लेख47
गेलरी 1
मसनवी1
सलीम अहमद के लेख
अधूरी जदीदियत
1 / 4 जदीदियत (आधुनिकता) की रूह यह उसूल है कि किसी बात को इस आधार पर न माना जाए कि वह हमसे पहले से चली आ रही है, या हम पर बाहर से थोपी गई है, या हमसे ऊपर है, बल्कि हर चीज़ की अच्छाई-बुराई, भलाई-बुराई, और फ़ायदे-नुक़सान का फ़ैसला तजुर्बे की रोशनी में
इब्हाम और बाज़ीगरी
अपने पिछले लेख "इभाम (अस्पष्टता) क्यों?" में, मैंने यह दिखाने की कोशिश की थी कि, (1) इभाम क्यों पैदा होता है? (2) इभाम की कलात्मक ज़रूरत क्या है, यानी जानबूझकर लाए गए इभाम का मक़सद क्या है? इसके साथ ही मैंने यह अर्ज़ किया था कि इभाम के दो रुख़ हैं।
सर सय्यद, रेल-गाड़ी और कोकाकोला
सर सैयद, रेल गाड़ी और कोका कोला इंग्लैंड वालों की क्या बात है। उनकी धुआँ गाड़ी जब हिंदुस्तान आई और पूरब के महान दूरदर्शी ग़ालिब ने उसके दर्शन किए तो हैरान रह गए। कलकत्ता की सुंदरियों के चलाए हुए तीर उस पर तुर्रा, हाय-हाय करते हुए कलकत्ता से वापस हुए