क़मर बदायुनी
अशआर 3
ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम
रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
नामा-बर तू ही बता तू ने तो देखे होंगे
कैसे होते हैं वो ख़त जिन के जवाब आते हैं
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए
कहूँ कुछ उन से मगर ये ख़याल होता है
शिकायतों का नतीजा मलाल होता है
- अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
-
शेयर कीजिए