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Maharaja Sir Kishan Parashad Shad's Photo'

महाराजा सर किशन परसाद शाद

1864 - 1940 | हैदराबाद, भारत

हैदराबाद रियासत के प्रधानमंत्री (1901), “यमीन-उस-सल्तनत” के ख़िताब से सम्मानित, भाषाविज्ञान के विशेषज्ञ और समर्थ शायर, दाग़ देहलवी के शागिर्द, उर्दू और फ़ारसी में नातिया शायरी भी की

हैदराबाद रियासत के प्रधानमंत्री (1901), “यमीन-उस-सल्तनत” के ख़िताब से सम्मानित, भाषाविज्ञान के विशेषज्ञ और समर्थ शायर, दाग़ देहलवी के शागिर्द, उर्दू और फ़ारसी में नातिया शायरी भी की

महाराजा सर किशन परसाद शाद

ग़ज़ल 27

अशआर 3

दिल में जब से देखता है वो तिरी तस्वीर को

नूर बरसाता है अपनी चश्म-ए-तर से आफ़्ताब

बादा-ए-ख़ुम-ए-ख़ाना-ए-तौहीद का मय-नोश हूँ

चूर हूँ मस्ती में ऐसा बे-ख़ुद-ओ-मदहोश हूँ

ज़िक्र से रिंदों के वाइज़ तू अभी वाक़िफ़ नहीं

ये तो हू-हक़ की सदा है शोर-ए-रिंदाना नहीं

 

पुस्तकें 152

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