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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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Asim Wasti's Photo'

अबुधाबी निवासी प्रसिद्ध शायर, चर्चित अदीब व शायर शौकत वास्ती के सुपुत्र

अबुधाबी निवासी प्रसिद्ध शायर, चर्चित अदीब व शायर शौकत वास्ती के सुपुत्र

आसिम वास्ती

ग़ज़ल 155

नज़्म 8

अशआर 27

मिरी ज़बान के मौसम बदलते रहते हैं

मैं आदमी हूँ मिरा ए'तिबार मत करना

बदल गया है ज़माना बदल गई दुनिया

अब वो मैं हूँ मिरी जाँ अब वो तू तू है

तेज़ इतना ही अगर चलना है तन्हा जाओ तुम

बात पूरी भी होगी और घर जाएगा

वक़्त बे-वक़्त झलकता है मिरी सूरत से

कौन चेहरा मिरी तश्कील में आया हुआ है

अजीब शोर मचाने लगे हैं सन्नाटे

ये किस तरह की ख़मोशी हर इक सदा में है

पुस्तकें 9

 

वीडियो 5

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

आसिम वास्ती

CLF- DR SABAHAT ASIM WASTI at Liverpool-Chicago Eve'08

आसिम वास्ती

Latest Urdu poetry 2016 Dr Asim Wasti

आसिम वास्ती

Urdu Academy hosts an evening with Dr. Asim Wasti

आसिम वास्ती

Urdu poetry By Dr Asim Wasti

आसिम वास्ती

ऑडियो 12

एक आँसू में तिरे ग़म का अहाता करते

गुज़र चुका है जो लम्हा वो इर्तिक़ा में है

तुम भटक जाओ तो कुछ ज़ौक़-ए-सफ़र आ जाएगा

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