Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Ashfaq Husain's Photo'

अशफ़ाक़ हुसैन

1951 | कनाडा

कनाडा में प्रवासी उर्दू के मशहूर शायर

कनाडा में प्रवासी उर्दू के मशहूर शायर

अशफ़ाक़ हुसैन

ग़ज़ल 41

नज़्म 8

अशआर 16

तुम्हें मनाने का मुझ को ख़याल क्या आए

कि अपने आप से रूठा हुआ तो मैं भी हूँ

फूल महकेंगे यूँही चाँद यूँही चमकेगा

तेरे होते हुए मंज़र को हसीं रहना है

मैं अपनी प्यास में खोया रहा ख़बर हुई

क़दम क़दम पे वो दरिया पुकारता था मुझे

तलाश अपनी ख़ुद अपने वजूद को खो कर

ये कार-ए-इश्क़ है इस में लगा तो मैं भी हूँ

जो ख़्वाब की दहलीज़ तलक भी नहीं आया

आज उस से मुलाक़ात की सूरत निकल आई

क़ितआ 1

 

पुस्तकें 47

वीडियो 11

This video is playing from YouTube

ऑडियो 14

इतना बे-नफ़अ नहीं उस से बिछड़ना मेरा

इतना बे-नफ़अ नहीं उस से बिछड़ना मेरा

उस आँख न उस दिल से निकाले हुए हम हैं

Recitation

Recitation

बोलिए