जान से प्यारा वतन
एक रंगीं चमन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
शोख़ झरने कहीं पर हैं गौहर-फ़िशाँ
ये दिल-अफ़रोज़ गंग-ओ-जमन का समाँ
ये हिमाला मिरे देश का पासबाँ
हुस्न की अंजुमन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
अपना पंजाब है दिल-रुबा किस क़दर
है ये बंगाल जादू भरा किस क़दर
है ये कश्मीर जन्नत-नुमा किस क़दर
कितना ख़ुश-पैरहन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
ताज पानी में जैसे खिला हो कँवल
टीपू की तरह मीनार-ए-देहली अटल
ये हुमकते हुए पर्बतों के महल
जल्वों की अंजुमन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
राम सीता की ये दिल-नशीं दास्ताँ
चिश्ती गौतम यहाँ और नानक यहाँ
गाँधी और नेहरू की मोहनी हस्तियाँ
थे यहीं लछमन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
'ग़ालिब'-ओ-'मीर'-ओ-'मोमिन'-ओ-'ज़ौक़'-ओ-'ज़फ़र'
'सूर'-ओ-'इक़बाल' 'टैगोर' सब हैं अमर
है ये धरती 'कबीर' और 'तुलसी' का घर
'इल्म-ओ-फ़न का गगन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
कितना दिलदार है गाँव हो या नगर
अपनी धरती में पोशीदा ला'ल-ओ-गुहर
गीत गाते हैं अश्जार शाम-ओ-सहर
'इल्म-ओ-फ़न का गगन हिन्द है दोस्तो
जाँ से प्यारा वतन हिन्द है दोस्तो
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