चेहरे और दिल की शिकन एक तरफ़ रख दीजे
चेहरे और दिल की शिकन एक तरफ़ रख दीजे
अपने लोगों से जलन एक तरफ़ रख दीजे
हम किसी और त'अल्लुक़ का सहारा ले लें
आज की रात बदन एक तरफ़ रख दीजे
ये हक़ीक़त है किसी फ़िल्म की शूटिंग नहीं
धमकियाँ और कफ़न एक तरफ़ रख दीजे
आख़री 'उम्र में परहेज़ वग़ैरा कैसा
ज़िंदगी भर की घुटन एक तरफ़ रख दीजे
ज़ात पर कीचड़ उछालो यही तो आता है
आप मौज़ू'-ए-सुख़न एक तरफ़ रख दीजे
इन दिनों खुल के बरसता है बदन का बादल
ऐसे मौसम में थकन एक तरफ़ रख दीजे
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