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महमूदुज़्ज़फ़र की कहानियाँ
जवाँ-मर्दी
यह एक ऐसे शख़्स की कहानी है जो ख़ुद को अपने नवजात बच्चे की मौत का ज़िम्मेदार समझता है। उसकी जब शादी हुई थी तो उसे अपनी बीवी पसंद नहीं आई थी। वह उसे छोड़कर विदेश चला गया था। वहाँ एक अरसा रहने के बाद जब उसे बीवी की याद सताने लगी तो वह वापस चला आया। उन दिनों वह बीमार थी और उस बीमारी में ही उसने अपनी जवाँ-मर्दी को साबित करने के लिए उसके साथ सोने का फै़सला किया।
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