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परिचय
ई-पुस्तक52
कहानी28
लेख2
उद्धरण1
रेखाचित्र1
वीडियो8
गेलरी 2
बच्चों की कहानी3
ब्लॉग1
अन्य
रिपोर्ताज1
इस्मत चुग़ताई की बच्चों की कहानियाँ
कामचोर
“बेगम अब हमारी पेंशन होने वाली है, ज़रा घर का ख़र्च कम करो।” हमारे अब्बा मियाँ ने पेंशन से पहले ये मुनासिब समझा कि हमारी अम्माँ-जान को (जो हमारे अब्बा मियाँ से भी ज़्यादा खुले हाथ की थीं) ऊँच-नीच समझा दें। “ऐ है! मैं ज़्यादा ख़र्च करती हूँ तो अपने
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