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पटना के शायर और अदीब

कुल: 235

18 वीं सदी के प्रमुख शायरों में शामिल / मीर तक़ी मीर के समकालीन

क्लासिकी शुऊर और अस्री हिस्सियत के इम्तिज़ाज को तख़लीक़ी इज़हार देने वाले मारूफ़ शायर

मीर तक़ी मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद के प्रतिष्ठित एवं प्रतिनिधि शायर

मशहूर अफ़्साना निगार और नॉवेल निगार, हिन्दुस्तान में साम्प्रदायिक दंगों के परिप्रेक्ष्य में कहनियाँ और उपन्यास लेखन के लिए जाने जाते हैं।

मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद स्कूल के प्रतिष्ठित शायर, दिल्ली स्कूल के रंग में शायरी के लिए मशहूर

क्लासिकी लहजे के प्रमुख और लोकप्रिय शायर

बिहार के प्रमुख उत्तर-क्लासिकी शायर

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में विख्यात।

अग्रणी आधुनिक शायरों में विख्यात।

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर जिन्होंने नई ग़ज़ल के लिए राह बनाई/मिर्ज़ा ग़ालिब के विरोध के लिए प्रसिद्ध

प्रसिद्ध आलोचक, शोधकर्ता, कथाकार और शायर,अपनी रोमांटिक नज़्मों के लिए भी जाने गए।

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायर।

कलकत्ता के प्रसिद्ध शायर. ग़ज़ल, नज़्म और रुबाई जैसी विधाओं में रचनाएं की. बच्चों के लिए लिखी नज़्मों के कई संग्रह प्रकाशित हुए. कई साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादक रहे

क्लासिकी परंपरा के प्रमुख हास्य-व्यंग शायर, अपनी विशिष्ट भाषा और अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध

अज़ीमाबाद के नामचीन शायर, मशहूर शेर ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है / देखना है जोर कितना बाज़ुए क़ातिल में है’ के रचयिता

उर्दू आलोचना मे कृतिमान स्थापित करने वाली किताब “काशिफ़-अल-हक़ाएक़” के लिए प्रसिद्ध

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर, अपने अपारम्परिक विचारों के लिए विख्यात

उत्तर आधुनिक उर्दू शायर मुक्तिवादी और परिवर्तनधर्मी विचार-सृजन के लिये प्रख्यात

अनुवादक,शायर,कुल्लियात-ए-नज़ीर के संपादक और शोधकर्ता

बिहार के मारूफ़ सूफ़ी सिलसिले से वाबस्ता सूफ़ी शायर

प्रगतिशील कहानीकार, शायर और नाटककार।

शोधकर्ता, आलोचक, ‘तारीख़-ए-अदब-ए-उर्दू’ और ‘तारीख़-ए-अदबियात-ए-आलम’ के लेखक

नई नस्ल के अहम शायरों में शामिल, शायरी में संजीदा मौज़ूआत, शुऊर-ए-ज़ात और नर्म एहसासात का बयान

प्रमुखतम उत्तर- क्लासिक शायरों में शामिल

प्रतीकात्मक, अमूर्त और अस्तित्ववादी कहानियों के लिए एक विशिष्ट पहचान।

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान, ख़तीब, शायर और शोधकर्ता, अपनी फ़सीह-ओ-बलीग़ ख़िताबत के लिए मशहूर

शायर और लेखक, आज़ादी के बाद उर्दू नॉवेल की स्थिति पर एक किताब लिखी, पटना विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग से सम्बद्ध रहे

पत्रकार और कवि,अपने बाल साहित्य के लिए जाने जाते हैं

बिहार के अहम शायर और गद्यकार, आलोचनात्मक आलेख भी लिखे और हास्य लेखन भी

भारत की महत्वपूर्ण शायरात में शामिल

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